राजस्थान में जारी सियासी संकट,बहुमत जुटाने के लिए कम से कम 29 विधायक चाहिए, चर्चा है बीजेपी मुख्यमंत्री पद देने को तैयार

नई दिल्ली: राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार पर संकट गहरा गया है। सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि सचिन पायलट  दिल्ली में हैं और वह बीजेपी के नेताओं के संपर्क में है।  उधर, सचिन पायलट का दावा है कि उनके पास 16 कांग्रेस और 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है. इस बीच सचिन पायलट के पुराने मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया  ने ट्वीट कर कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। ज्योतिरादित्य सिंध‍िया ने ट्वीट किया, ‘यह देखकर दुखी हूं कि मेरे पुराने सहयोगी सचिन पायलट को भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दरकिनार कर दिया गया। यह दिखाता है कि कांग्रेस में प्रतिभा और क्षमता पर कम ही भरोसा किया जाता है.’  

राजनैतिक सूत्रों का कहना है कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार गिराएं जाने पर बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री पद देने को तैयार है। राजस्थान में सियासी उठापटक के बीच सचिन पायलट के पुराने मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। चर्चा है कि पायलट के पुराने मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थन में 45 विधायक हैं। वसुंधरा राजे ने सचिन पायलट से बात की है।

राजस्थान की विधानसभा में दलीय स्थिति को देखें तो कांग्रेस के पास 107 विधायकों का समर्थन है। इसके अलावा, सरकार को 13 निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकदल के विधायक का भी समर्थन है। गहलोत सरकार के पास 121 विधायकों का समर्थन है। उधर, भाजपा के पास 72 विधायक हैं। बहुमत जुटाने के लिए कम से कम 29 विधायक चाहिए। 

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ओम माथुर ने कहा, ‘कांग्रेस के बीच अक्सर कलह की खबरें आती रहती हैं। अशोक गहलोत तो इसका आरोप भाजपा पर डाल रहे हैं। उन्हें अपना घर देखना चाहिए। जब गहलोत सरकार का गठन हुआ था, तब से यह संकट चला आ रहा है। पायलट और गहलोत की लड़ाई इसकी असली वजह है। गहलोत भाजपा को दोष देने की कोशिश कर रहे हैं।

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