मध्यप्रदेश – विधानसभा के 18वें अध्यक्ष होंगे गिरीश गौतम, कहा- सभी को साथ लेकर चलूंगा

भोपाल। रीवा के देवतालाब से 4 बार के विधायक गिरीश गौतम ने विधानसभा स्पीकर पद का नामांकन भर दिया है। वे रविवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ विधानसभा पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद गिरीश गौतम ने कहा कि बीजेपी ने विंध्य का हमेशा से सम्मान किया है l विधायकों के हितों की रक्षा करना मेरी प्राथमिकता होगी l विंध्य को हमेशा से मिलता सम्मान रहा है l उपेक्षा जैसी कोई बात नहीं है। अध्यक्ष पद के लिए दूसरे दावेदारों के नामों पर कहा कि सबको अपनी बात रखने का हक है।

इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गिरीश गौतम के हाथों में विधानसभा संचालन का दायित्व होगा। गिरीश गौतम मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। विंध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमें विंध्य की जनता का स्नेह, प्यार और आशीर्वाद भरपूर मिला है। मुझे पूरा विश्वास है कि अपनी कर्मठता, निष्पक्षता सबको साथ लेकर चलने की क्षमता और संसदीय ज्ञान की जानकारी के आधार पर गिरीश गौतम जी अध्यक्ष पद की गरिमा को बढ़ाएंगे।

ये निर्णय संतुष्ट करने वाला – राजेन्द्र शुक्ल

गिरीश गौतम के विधानसभा स्पीकर पद के नामांकन के बाद विंध्य के कद्दावर नेता राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि क्षेत्रीय असंतुलन की आज पूर्ति हो गई। विंध्य से काफी सीट मिली थीं, इसलिए ये निर्णय संतुष्ट करने वाला है। मंत्रिमंडल में विंध्य के नेताओं को शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये फैसला सीएम को करना है।

डिप्टी स्पीकर भी हमारा होगा- भदौरिया

कैबिनेट मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि विंध्य ने हमें ताकत दी थी इसलिए विंध्य को प्रतिनिधित्व मिलना तय था। बीजेपी में वीटो वाला सिस्टम नहीं हैं। यहां नाम संगठन तय करता है। डिप्टी स्पीकर के सवाल पर उन्होंने बोला – कांग्रेस ने दम्भ और अहंकार में परंपरा तोड़ दी थी। इसलिए अब जैसी बॉल मारी थी वैसी ही वापस जाएगी।

आपको बता दें कि साल 1972 से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे गिरीश गौतम ने 1977 से लगातार किसानों एवं मजदूरों के लिए संघर्ष किया। वह 2003 में रीवा की मनगवां विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने थे। हालांकि इसके बाद इस सीट के आरक्षित होने के बाद बीजेपी ने उन्हें देवतालाब भेजा जहां से वह लगातार 2008, 2013 व 2018 में जीते। वह इस विधानसभा की लोक लेखा, महिला एवं बाल कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।

वहीं, बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष का बाद 17 साल बाद एक बार फिर विंध्य के खाते में जाएगा। विंध्य के कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी 9 साल 352 दिन विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उनका दो बार का कार्यकाल दिग्विजय सरकार के दौरान 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक रहा।

निर्विरोध ढंग से चुनाव कराने में सहयोग देंग – कमलनाथ

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा का शुरू से ही संसदीय परंपराओं में कभी विश्वास नहीं रहा हैl वर्षों से विधानसभा अध्यक्ष का पद सत्ता पक्ष और उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की परंपरा चली आ रही। परंपराओं को भाजपा ने तोड़ा हैl लेकिन हमारा शुरू से ही संसदीय परंपराओं में विश्वास रहा है। हमने निर्णय लिया है कि निर्विरोध ढंग से विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन करवाने में पूरा सहयोग देंगे।

गौरतलब है कि 18 साल बाद विंध्य क्षेत्र को विधानसभा अध्यक्ष का पद मिल रहा है। वर्ष 2003 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को चुनाव हराकर गिरीश गौतम विधायक बने थे। फ‍िलहाल गिरीश गौतम देवतालाब से विधायक हैं।

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