सिंधिया ने की कांग्रेस की जमकर आलोचना,कहा वहां का‍बिल लोगो की कद्र नहीं

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की कांग्रेस की जमकर आलोचना
सिंधिया ने कहा कि 15 महीनों की कांग्रेस सरकार में जो भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी मैंने देखी, ऐसी स्थिति राजनीतिक जीवन में पहले कभी नहीं देखने को मिली। हमारे साथियों ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अत्याचारी और दोगली सरकार के खिलाफ इस्तीफा दिया। मैंने और साथियों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ली। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के नेतृत्व में भारत का विकास सुनिश्चित है। देश की अखंडता और एकता उनके हाथों में सुरक्षित है।

इंदौर : भूतपूर्व कांग्रेसी वर्तमान भाजपा से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज इंदौर में कांग्रेस की जमकर आलोचना की। वही सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया है, अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया गया और चीन को ईंट का जवाब पत्थर से दिया गया है। सिंधिया ने कहा कि मोदी सरकार के चलते कांग्रेस पूरी तरह विफल है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बीजेपी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर फेसबुक तथा व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये “फर्जी खबरें” फैलाने का आरोप लगाया है। इस आरोप को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर सिंधिया ने कहा, “इंटरनेट एक स्वतंत्र माध्यम है. लेकिन जनता का विश्वास खोने वाले लोगों के पास जब कहने को कुछ नहीं होता है, तो इन मुद्दों को पकड़ा जाता है.”

सिंधिया ने कहा कि 15 महीनों की कांग्रेस सरकार में जो भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी मैंने देखी, ऐसी स्थिति राजनीतिक जीवन में पहले कभी नहीं देखने को मिली। हमारे साथियों ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अत्याचारी और दोगली सरकार के खिलाफ इस्तीफा दिया। मैंने और साथियों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ली। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा त्रिमूर्ति के नेतृत्व में भारत का विकास सुनिश्चित है। देश की अखंडता और एकता उनके हाथों में सुरक्षित है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में काबिल नेताओं पर सवालिया निशान खड़ा किया जाता है और उनके पूर्व दलीय सहयोगी सचिन पायलट ने भी हाल ही में यही स्थिति झेली है। पायलट मेरे मित्र हैं। उन्होंने जो पीड़ा झेली है, उससे सब लोग वाकिफ हैं। कांग्रेस किस तरह इतने विलंब के बाद अपना घर दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है, इस बात से भी सब वाकिफ हैं। सिंधिया ने कहा, यह दु:ख की बात है कि कांग्रेस में काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जाता है। यही स्थिति मेरे पूर्व सहयोगी (पायलट) ने भी झेली है।

2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ प्रचार करने वालों को स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। सिंधिया का इंदौर दौरा मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर मायने रखता है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने वाले यहां इंदौर के सांवेर से उनके सबसे करीबी तुलसी सिलावट इस बार भाजपा की तरफ से प्रत्याशी हैं, क्योंकि सिलावट भी कांग्रेस से विधायकी और मंत्री पद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। सिलावट अभी शिवराज सरकार में मंत्री हैं और इस पद पर बने रहने के लिए उनका चुनाव जीतना जरूरी है। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा के कई नेता पार्टी के इस निर्णय से नाखुश हैं।चुनाव के लिहाज से सिलावट की हालत पतली है। सिंधिया स्थानीय भाजपा कार्यकर्त्ताओं ,नेताओं से मुलाकात कर सिलावट को जिताने के लिए प्रचार के लिए राजी करना चाहते हैं।

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