मध्यप्रदेश : राष्ट्रीय/अर्न्तराष्ट्रीय बोर्डिंग खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रारंभ

खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न खेल अकादमियों में बोर्डिंग खिलाड़ियों का प्रशिक्षण पुन: प्रारंभ किया गया है।

भोपाल : सोमवार,17 अगस्त 2020,मध्यप्रदेश के खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न खेल अकादमियों में बोर्डिंग खिलाड़ियों का प्रशिक्षण पुन: प्रारंभ किया गया है। सात अलग-अलग खेलों के लगभग 94 राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी पुन:प्रशिक्षण शुरू कर सकेगें। अभी तक सिर्फ खेल अकादमियों में डे-बोर्डिंग के खिलाड़ियों को ही प्रशिक्षण दिया जा रहा था। यह निर्णय आगामी राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के मद्देनजर तथा प्रशिक्षकों से चर्चा के बाद लिया गया है। विभाग द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिये मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। पहले चरण में एथलेटिक्स, फेसिंग, पुरूष हॉकी, घुड़सवारी, शूटिंग, कयाकिंग, रोइंग तथा सेलिंग को शामिल किया गया है। अगले चरण में महिला हॉकी, तीरंदाजी, क्रिकेट आदि खेलों को प्रारंभ किया जायेगा।

खिलाड़ियों के लिए दिशा-निर्देश

म.प्र.राज्य खेल अकादमी के एथलेटिक्स, फेंसिंग, वाटर स्पोर्ट्स, घुड़सवारी, शूटिंग, पुरूष हॉकी के बोर्डिंग/डे-बोर्डिंग में चिन्हित चयनित खिलाड़ियों को ही आवास स्थल एवं प्रशिक्षण स्थल में निर्धारित समय में प्रवेश की अनुमति होगी।

खिलाड़ियों को आवासीय परिसर में आने के पश्चात् न्यूनतम एक सप्ताह तक कोरेनटाईन किया जावेगा। कोरेनटाईन अवधि में खिलाड़ियों को आवासीय परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। अत: खिलाड़ी को पूर्ण तैयारी के साथ परिसर में आना होगा।

खिलाड़ियों का प्रतिदिन ऑक्सीमीटर पर ऑक्सीजन लेवल भी चैक करना अनिवार्य होगा। हॉस्टल प्रभारी वार्डन एवं फिजियो की सहायता से प्रतिदिन ऑक्सीजन लेवल चैक करवाया जायेगा।

खेल गतिविधि प्रारंभ करने से पूर्व खिलाड़ियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयाजित किया जायेगा।

प्रत्येक खिलाड़ी की प्रत्येक सेशन से पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रहेगी, जिसका रिकॉर्ड रखा जायेगा।

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सभी खिलाड़ियों का आवासीय परिसर में प्रवेश उपरांत एंटीबॉडी टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।

खिलाड़ियों के अभिभावक अथवा अन्य किसी व्यक्ति को कोरेनटाईन अवधि में मिलने या परिसर में आने की अनुमति नहीं रहेगी।

कोविड संक्रमित व्यक्ति का प्रवेश निषेध रहेगा।

खेल परिसर में कन्टेनमेंट क्षेत्र (हाट स्पाट) बफर जोन के खिलाड़ी का प्रवेश निषेध रहेगा।

प्रशिक्षक प्रशिक्षण स्थल की क्षमता के अनुरूप समय-सारणी तैयार कर खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जायेगा। क्षमता से अधिक खिलाड़ियों का प्रवेश वर्जित होगा।

आरोग्य सेतु ऐप इंस्टाल करना अनिवार्य होगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा अर्थात प्रशिक्षण के दौरान 2 मीटर का डिस्टेन्स रखना होगा।

प्रशिक्षण के दौरान उपयोग होने वाले उपकरण को आपस में अदला-बदली करके उपयोग नहीं किया जावेगा।

खेल परिसर में प्रवेश के समय खिलाड़ी के हाथ, पैर को सेनेटाईज करना आवश्यक होगा।

खिलाड़ी को अपनी व्यक्तिगत किट(प्लेइंग किट एवं चेजिंग किट, वॉटर बाटल, अतिरिक्त टी शर्ट, टॉवल, ट्रेनिंग शूज, सेनेटाईजर) अभ्यास सत्र के पूर्व एवं पश्चात चेंज करना अनिवार्य होगा। खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत सामान की भी किसी अन्य खिलाड़ी से अदला-बदली नहीं करेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान खेल मैदान/उपकरण को प्रशिक्षण से पूर्व एवं बाद में सेनेटाईज किया जावेगा।

खिलाड़ी अपने आवास कक्ष में साफ-सफाई बनाये रखेंगे। निरन्तर आवश्यक वस्तुओं को सेनेटाईज करेंगे। शौचालय के उपयोग के पूर्व एवं पश्चात् फ्लश चलायेंगे। विभिन्न वस्तुओं से सम्पर्क करने के पश्चात् अपने हाथों को निरन्तर 20 सेकेण्ड तक साबुन से साफ करेंगे।

प्रत्येक खिलाड़ी प्रशिक्षण द्वारा आवंटित समय पर ही अभ्यास हेतु उपस्थित होंगे।

प्रशिक्षण समाप्त होने के तत्काल बाद खिलाड़ियों को खेल मैदान छोड़कर जाना अनिवार्य होगा।

खिलाड़ी खेल परिसर में चेहरे पर मास्क का उपयोग करेंगे। अभ्यास के समय मास्क को उतार सकते है।

म.प्र. राज्य खेल अकादमी के समस्त खिलाड़ियों को आवश्यक रूप से सहमति पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसमें स्पष्ट रूप से यह लेख होगा कि यदि वह अभ्यास के दौरान संक्रमण से ग्रसित होते है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी खिलाड़ी की होगी। साथ ही खिलाड़ी को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के निर्धारित प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा।

खेल परिसर में अभ्यास के दौरान थूकने, छिकना, पसीना छिड़कना अनावश्यक रूप से स्वंय के चेहरे को छूना प्रतिबंधित रहेगा।

यदि खिलाड़ी को ऐसी चोट लगी हो जिसमें उसका शरीर कटा अथवा छिला हो ऐसे खिलाड़ी का परिसर में प्रवेश वर्जित रहेगा।

खिलाड़ी का अभ्यास के पश्चात् नहाना अनिवार्य होगा।

डे-बोर्डिंग के खिलाड़ी परिसर में प्रशिक्षण हेतु आने के लिए केवल अपने वाहन का प्रयोग करेंगे। पब्लिक ट्रासंपोर्ट या अन्य किसी व्यक्ति अथवा साधन से आने वाले खिलाड़ियों को स्टेडियम/खेल मैदान (प्रशिक्षण स्थल) पर प्रवेश के अनुमति नहीं होगी।

कोविड-19/किसी भी बीमारी के लक्षण जैसे कफ, फीवर, सांस लेने में तकलीफ, स्वादहीनता और सुगन्धहीनता के लक्षण दिखायी देने पर खिलाड़ियों को तत्काल इसकी सूचना प्रबंधन को देना अनिवार्य होगा।

प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी उपस्थिति के समय विगत एक माह की ट्रेवल हिस्ट्री प्रस्तुत करनी होगी।

खिलाड़ी को मैस में सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन करना होगा। खिलाड़ी अपनी थाली/प्लेट्स आहार सामग्री की अदला-बदली नहीं करेंगे और न ही मैस से कोई खाद्य सामग्री अपने साथ मैस के बाहर ले जावेंगे।

प्रशिक्षकों एवं सहायक स्टाफ हेतु खेल गतिविधियों के लिये सामान्य शर्ते एवं सावधानियाँ

प्रत्येक अभ्यास सत्र के पूर्व प्रत्येक खिलाड़ी/ प्रशिक्षकों/ सहायक स्टाफ की इन्फ्रारेड थर्मल स्क्रीनिंग एवं हाथ-पैर को सेनेटाईज करना अनिवार्य होगा।

खेल परिसर में कन्टेन्मेंट क्षेत्र (हॉट स्पाट) बफर जोन के प्रशिक्षक एवं सहायक स्टाफ का प्रवेश निषेध रहेगा।

खेल परिसर में कार्यरत प्रशिक्षकों, स्टेडियम में कार्यरत प्रशिक्षकों एवं सहायक स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति होगी।

प्रशिक्षक एवं सहायक स्टाफ को कोविड संक्रमण से बचाव हेतु आयोजित किये जा रहे प्रशिक्षण सत्र में भाग लेना अनिवार्य होगा।

आरोग्य सेतु एप इंस्टाल करना अनिवार्य होगा।

मास्क के बिना प्रवेश नहीं दिया जावेगा।

प्रशिक्षण स्थल, उपकरण, प्रशिक्षण सामग्री आदि अभ्यास के पूर्व एवं पश्चात् संक्रमण मुक्त करवाना प्रशिक्षक की जिम्मेदारी होगी।

प्रशिक्षक को खिलाड़ियों के प्रवेश एवं निर्गम का रिकार्ड उपस्थिति पंजी में पृथक से रखना अनिवार्य होगा।

प्रशिक्षक को ट्रेनिंग प्रोग्राम, समय-सारणी तैयार करना होगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जावेगा के एक समय में, एक सत्र में अधिकतम 8 से 10 खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगें।

परिसर में आने वाले खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं सहायक स्टाफ में कोविड- 19 के लक्षण दिखायी देने पर संबंधित प्रशिक्षक तत्काल इसकी सूचना स्टेडियम प्रशासक एवं कोविड टास्क फोर्स को अनिवार्य रूप से देगा।

प्रत्येक प्रशिक्षक/ सहायक स्टाफ को अपनी विगत एक माह की ट्रेवल हिस्ट्री प्रस्तुत करनी होगी।

संबंधित प्रशिक्षक एवं सहायक स्टाफ को अपने निर्धारित समय से 45 मिनिट पूर्व प्रशिक्षण स्थल पर उपस्थिति देना आवश्यक होगा।

खिलाड़ियों के लिये बनाये गये दिशा-निर्देश का अक्षरश: पालन कराने का दायित्व संबंधित प्रशिक्षक का होगा।

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