कोरोना नियमों की खुद अवहेलना कर रहे मंत्री सिलावट, 14 अगस्त को ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए, दो दिन बाद कोरोना को लेकर बैठक ली

  • तुलसी सिलावट को 14 अगस्त को ही अस्पताल से छुट्टी मिली थी
  • अगस्त को कोरोना को लेकर उन्होंने अधिकारियों की बैठक ले ली।

मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने रविवार को रेसीडेंसी कोठी में प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया गया।

बता दें कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अरबिंदो अस्पताल में भर्ती तुलसी सिलावट को 14 अगस्त को ही अस्पताल से छुट्टी मिली थी और 16 अगस्त को कोरोना को लेकर उन्होंने अधिकारियों की बैठक ले ली। बैठक के दौरान सिलावट ने अधिकारियों से कहा कि सर्वे टीम में लगे विभिन्न शासकीय सेवकों की समस्याओं को भी प्रशासन सुनें और उनका निराकरण करे जिससे उनका कार्य आसान हो सके। मंत्री ने बैठक में विभिन्न प्राइवेट लैब में कोरोना की टेस्टिंग की जानकारी भी ली। सोडानी लैब द्वारा अन्य लैब की तुलना में कोरोना की जांच के लिए अधिक शुल्क लिए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई।

बैठक में कलेक्टर ने बताया कि पिछले दिनों शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि इंदौर में कहीं पर भी सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजन फिलहाल नहीं होंगे। सार्वजनिक गणेश प्रतिमा की स्थापना की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। इस पर मंत्री सिलावट ने कहा कि चूंकि नागरिक अपने घरों पर गणेश मूर्तियां स्थापित करेंगे, अत: मूर्ति विसर्जन के लिए भी नगर निगम अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में एक स्थान चिन्हित किया जाए जहां पर लोग आकर अपनी मूर्तियां विसर्जन के लिए रख सकें। इन मूर्तियों का पूरे सम्मान से विसर्जन होना चाहिए।

मंत्री तुलसी सिलावट दो दिन पहले ही अस्पताल से लौटे है।

संभागायुक्त डॉ.पवन शर्मा ने बैठक में बताया कि इंदौर में होम आइसोलेशन और कंट्रोल रूम द्वारा मरीजों की ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था कारगर सिद्ध हुई है। बड़ी संख्या में मरीज घर पर रहकर ही ठीक हुए हैं। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर में छह हजार से अधिक मरीज़ विभिन्न अस्पतालों और घरों में रहकर स्वस्थ हो चुके हैं। यह एक ऐसी संख्या है जो समाज को भरोसा दिलाती है कि कोरोना को हराया जा सकता है।

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