संजय राउत का कोरोना संक्रमण को लेकर मोदी सरकार पर सियासी हमला, आत्मनिर्भरता को लेकर तंज कसा

  • कोरोना वैक्सीन को लेकर संजय राउत ने कहा कि केंद्र सरकार सही दिशा में काम नहीं कर रही है
  • राउत ने कहा कि कोरोना के कारण सुस्त और अलसाई पड़ी दिल्ली का दर्शन हुआ

मुंबई : शिवसेना नेता संजय राउत ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर उसके आत्मनिर्भरता पर जोर दिये जाने को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि रूस ने कोविड-19 का टीका तैयार करके पूरी दुनिया के सामने ‘‘आत्मनिर्भरता” का पहला उदाहरण पेश किया है जबकि भारत इसके बारे में सिर्फ बात कर रहा है।

राउत ने पार्टी के मुखपत्र सामना के साप्ताहिक कॉलम ‘‘रोकटोक” में टीका तैयार करने के लिए रूस की सराहना की और कहा कि यह एक महाशक्ति होने का संकेत है। उन्होंने कहा कि रूस ने जो उदाहरण पेश किया है उसे भारतीय नेता मॉडल नहीं मानेंगे क्योंकि ‘‘वे अमेरिका के प्रेम में पड़े हैं। ”

आपको बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की कि उनके देश ने कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिए दुनिया का पहला टीका तैयार कर लिया है, जो ‘‘काफी प्रभावी” है और संक्रमण के खिलाफ ‘‘स्थायी प्रतिरोधक क्षमता” बनाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी एक बेटी को यह टीका लगाया भी जा चुका है।

राउत ने कहा कि जब पूरी दुनिया में यह साबित करने की मुहिम चली कि रूस का टीका अवैध है, ऐसे वक्त में पुतिन ने परीक्षण के तौर पर अपनी बेटी को यह टीका लगवाया और इस प्रकार से अपने देश में आत्मविश्वास पैदा किया। उन्होंने कहा, रूस ने पूरी दुनिया में आत्मनिर्भरता का पहला उदाहरण पेश किया है और हम केवल आत्मनिर्भरता की बाते करते हैं।

राम मंदिर न्यास के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद राउत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रश्न किया कि क्या वह पृथक-वास में जाएंगे। पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में मोदी ने महंत से हाथ मिलाया था। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है और उनकी हालत गंभीर है, इसके अलावा मोदी सरकार में मंत्रियों और नौकरशाहों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।


राउत ने कहा, दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी) इस तरह के आतंक में कभी नहीं थी जिस तरह का आतंक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण है। पहले मोदी और शाह (गृह मंत्री अमित शाह) का डर था, लेकिन कोरोना का डर उससे अधिक है।

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